डिमेंशिया डिजीज: जानिए क्या है यह बीमारी और इसके लक्षण | What is dementia disease in Hindi
डिमेंशिया डिजीज: जानिए क्या है यह बीमारी और इसके लक्षण
Dementia disease in Hindi: डिमेंशिया एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी है जो मस्तिष्क को प्रभावित करती है। यह रोग याददाश्त, सोचने की क्षमता, निर्णय लेने और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता को धीरे-धीरे कम करता है। आमतौर पर यह बीमारी बुजुर्गों में पाई जाती है, लेकिन यह किसी भी उम्र में हो सकती है।
Dementia को केवल एक बीमारी मानना गलत है क्योंकि यह एक समूह है जो मस्तिष्क की अलग-अलग समस्याओं का कारण बनता है। इस आर्टिकल में हम विस्तार से जानेंगे कि डिमेंशिया क्या है, इसके कारण, लक्षण, इलाज और इसे रोकने के तरीके।
डिमेंशिया डिजीज क्या है?(what is dementia disease in hindi)
डिमेंशिया का मतलब है “मस्तिष्क का कमजोर होना।” यह एक प्रगतिशील बीमारी है, यानी समय के साथ इसके लक्षण गंभीर होते जाते हैं। डिमेंशिया मुख्यतः मस्तिष्क के न्यूरॉन्स (nerve cells) को नुकसान पहुंचाने के कारण होता है, जिससे व्यक्ति की याददाश्त, भाषा, ध्यान और निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है।
यह बीमारी किसी एक कारण से नहीं होती बल्कि कई प्रकार की स्थितियों के कारण होती है। अल्जाइमर डिजीज (Alzheimer’s Disease) इसका सबसे आम प्रकार है।
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डिमेंशिया के प्रकार(Types of Dementia)
डिमेंशिया कई प्रकार का हो सकता है, जिनमें से प्रमुख प्रकार नीचे दिए गए हैं:
1. अल्जाइमर डिजीज (Alzheimer’s Disease)
डिमेंशिया का यह सबसे सामान्य रूप है। यह आमतौर पर 65 वर्ष की आयु के बाद होता है। इसमें मस्तिष्क की कोशिकाएं सिकुड़ने लगती हैं।
2. वास्कुलर डिमेंशिया (Vascular Dementia)
यह मस्तिष्क में ब्लड फ्लो की कमी के कारण होता है। यह स्थिति स्ट्रोक (stroke) के बाद भी हो सकती है।
3. लेवी बॉडी डिमेंशिया (Lewy Body Dementia)
इस प्रकार के डिमेंशिया में मस्तिष्क में प्रोटीन का असामान्य जमाव हो जाता है, जिससे याददाश्त और गति में परेशानी होती है।
4. फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया (Frontotemporal Dementia)
यह मस्तिष्क के फ्रंट और टेम्पोरल लोब को प्रभावित करता है, जिससे व्यवहार, भाषा और पर्सनालिटी में बदलाव आते हैं।
डिमेंशिया के लक्षण
डिमेंशिया के लक्षण समय के साथ धीरे-धीरे प्रकट होते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति में लक्षण अलग हो सकते हैं। कुछ सामान्य लक्षण नीचे दिए गए हैं:
- याददाश्त में कमी: हाल की घटनाओं को याद करने में कठिनाई।
- भाषा में समस्या: सही शब्दों का चयन करने में कठिनाई।
- सोचने की क्षमता में कमी: निर्णय लेने या किसी समस्या का हल निकालने में परेशानी।
- व्यवहार में बदलाव: अचानक गुस्सा आना, चिड़चिड़ापन या उदासी।
- भ्रम और दिशाओं में गड़बड़ी: स्थान और समय का ध्यान नहीं रहना।
- रोज़मर्रा के कामों में कठिनाई: खाना बनाना, बिल भुगतान करना, या अन्य सामान्य कार्यों में परेशानी।
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डिमेंशिया के कारण
डिमेंशिया के मुख्य कारण निम्नलिखित हो सकते हैं:
- मस्तिष्क कोशिकाओं को नुकसान
- आनुवांशिक कारण (Genetic Factors)
- स्ट्रोक या अन्य हृदय रोग
- मस्तिष्क में चोट
- प्रोटीन का असामान्य जमाव
- ब्लड प्रेशर और डायबिटीज का असंतुलन
डिमेंशिया का डायग्नोसिस कैसे किया जाता है?
डिमेंशिया का पता लगाने के लिए निम्नलिखित जांच की जाती है:
- मस्तिष्क का MRI या CT स्कैन
- याददाश्त और संज्ञानात्मक परीक्षण
- ब्लड टेस्ट
- मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन
डॉक्टर इन परीक्षणों के जरिए यह समझने की कोशिश करते हैं कि डिमेंशिया किस प्रकार का है और कितना गंभीर है।
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डिमेंशिया का इलाज
डिमेंशिया का कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन इसके लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए कई तरीके उपलब्ध हैं।
1. दवाएं
- डोनेपेज़िल (Donepezil) और मेमांटीन (Memantine) जैसी दवाएं याददाश्त को सुधारने और लक्षणों को कम करने में मदद करती हैं।
2. थेरेपी
- कॉग्निटिव थेरपी: याददाश्त और सोचने की क्षमता को सुधारने के लिए।
- म्यूजिक थेरेपी: रोगी के मूड को बेहतर बनाने के लिए।
3. लाइफस्टाइल सुधार
- नियमित व्यायाम और मानसिक रूप से सक्रिय रहना।
- संतुलित आहार, जिसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन से भरपूर खाद्य पदार्थ हों।
डिमेंशिया को कैसे रोकें?
हालांकि डिमेंशिया को पूरी तरह से रोकना संभव नहीं है, लेकिन निम्नलिखित उपाय इसे होने के जोखिम को कम कर सकते हैं:
- नियमित एक्सरसाइज करें
- मस्तिष्क को सक्रिय रखें: पहेलियां सुलझाना, किताबें पढ़ना।
- धूम्रपान और शराब का सेवन न करें
- संतुलित आहार लें
- ब्लड प्रेशर और शुगर को नियंत्रित रखें
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FAQ’s
डिमेंशिया के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं?
याददाश्त में कमी, भाषा में समस्या, और रोजमर्रा के कामों में कठिनाई इसके शुरुआती लक्षण हैं।
डिमेंशिया और अल्जाइमर में क्या फर्क है?
अल्जाइमर डिमेंशिया का एक प्रकार है, जबकि डिमेंशिया एक छत्र शब्द है जिसमें कई प्रकार की बीमारियां शामिल हैं।
क्या डिमेंशिया का इलाज संभव है?
डिमेंशिया का स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन इसके लक्षणों को दवाओं और थेरेपी से नियंत्रित किया जा सकता है।
डिमेंशिया किस उम्र में हो सकता है?
यह आमतौर पर 65 वर्ष की आयु के बाद होता है, लेकिन यह किसी भी उम्र में हो सकता है।
क्या डिमेंशिया वंशानुगत है?
हां, आनुवांशिक कारण डिमेंशिया के कुछ प्रकारों में भूमिका निभा सकते हैं।
डिमेंशिया से बचने के लिए क्या करना चाहिए?
स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं, नियमित व्यायाम करें, मस्तिष्क को सक्रिय रखें, और संतुलित आहार लें।
निष्कर्ष
डिमेंशिया डिजीज एक जटिल लेकिन प्रबंधनीय बीमारी है। इसे बेहतर तरीके से समझने और समय रहते उपचार शुरू करने से रोगियों और उनके परिवारों की जिंदगी को आसान बनाया जा सकता है। सही जानकारी, समर्थन और चिकित्सा उपायों से इस बीमारी के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
आउटबाउंड लिंक सुझाव
यह लेख केवल जानकारी के लिए है। चिकित्सा सलाह के लिए हमेशा डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श करें। यहां दी गई जानकारी का उपयोग स्वयं उपचार के लिए न करें।
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