mustard oil for cooking image

जानिए सरसों का तेल खाना पकाने के लिए अच्छा या बुरा। Mustard Oil for Cooking: Good or Bad? in Hindi

सरसों का तेल, जिसे अंग्रेजी में Mustard Oil कहा जाता है, भारत के कई हिस्सों में खाना बनाने के लिए प्रमुख रूप से इस्तेमाल किया जाता है। इसे सदियों से एक पारंपरिक तेल माना जाता है, खासकर उत्तर और पूर्वी भारत में। लेकिन जैसे-जैसे स्वास्थ्य के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ रही है, सवाल उठने लगे हैं कि क्या सरसों का तेल वास्तव में हेल्दी है या नहीं। इस आर्टिकल में हम mustard oil for cooking फायदे और नुकसान दोनों पर चर्चा करेंगे।

सरसों का तेल: एक पारंपरिक तेल

Mustard का तेल भारत में प्राचीन काल से इस्तेमाल होता आया है। इसे पारंपरिक रूप से आयुर्वेद में भी इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसके अलावा, ये तेल न केवल खाना बनाने के लिए बल्कि मालिश और त्वचा संबंधित समस्याओं के इलाज के लिए भी उपयोगी माना जाता है। लेकिन आधुनिक समय में, जब बाजार में कई तरह के रिफाइंड तेल उपलब्ध हैं, सरसों के तेल को लेकर मतभेद उत्पन्न हो गए हैं।

Mustard oil के फायदे

  1. दिल के लिए फायदेमंद
    सरसों का तेल Omega-3 और Omega-6 फैटी एसिड से भरपूर होता है, जो दिल के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। ये फैटी एसिड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करते हैं और रक्तचाप को सामान्य रखते हैं।
  2. एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण
    सरसों के तेल में anti-inflammatory गुण होते हैं, जो शरीर में सूजन को कम करते हैं। इसे नियमित रूप से खाने से गठिया और जोड़ों के दर्द में भी राहत मिल सकती है।
  3. इम्यूनिटी को बूस्ट करता है
    सरसों का तेल विटामिन E से भरपूर होता है, जो शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है। यह तेल शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत देता है और सर्दियों में ठंड से बचाने में भी मदद करता है।
  4. स्किन और हेयर के लिए बेहतरीन
    सरसों के तेल का उपयोग खाना बनाने के अलावा स्किन और बालों की देखभाल के लिए भी किया जाता है। यह स्किन को मॉइस्चराइज करता है और बालों को मजबूत बनाता है।

READ ALSO: नैचुरली इम्यूनिटी को कैसे बढ़ाएं |

Mustard oil के नुकसान

  1. इरुसीक एसिड का खतरा
    सरसों के तेल में Erucic Acid नामक फैटी एसिड पाया जाता है, जिसे ज्यादा मात्रा में लेने से हृदय संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि, यह मात्रा तेल की प्रक्रिया पर निर्भर करती है और सभी तेलों में यह समस्या नहीं होती।
  2. कैंसर का खतरा
    कुछ शोधों के अनुसार, सरसों का तेल अगर अत्यधिक गर्म किया जाए या इसका अधिक सेवन किया जाए, तो यह शरीर में कैंसर की संभावना बढ़ा सकता है। यह शोध अभी तक पूरी तरह प्रमाणित नहीं हुए हैं, लेकिन फिर भी यह एक चिंताजनक विषय हो सकता है।
  3. एलर्जी की समस्या
    कुछ लोगों को सरसों के तेल से एलर्जी हो सकती है। इसका सेवन करने से त्वचा पर रैशेज, खुजली, और सांस की समस्या हो सकती है। इसलिए जिन लोगों को एलर्जी की समस्या है, उन्हें इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

READ ALSO: एनल कैंसर क्या है? लक्षण, प्रकार और रोकथाम

Mustard oil और Modern health science

सरसों का तेल Omega-3 और Omega-6 फैटी एसिड से भरपूर होता है, जो हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है (Source – NCBI)। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। शोध बताते हैं कि यह कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित कर सकता है, जिससे हृदय रोगों का खतरा कम हो सकता है (Source – WHO)
हालांकि, इसमें मौजूद Erucic Acid अधिक मात्रा में सेवन करने पर हृदय और यकृत के लिए हानिकारक हो सकता है (Source – FDA)। WHO के अनुसार, अत्यधिक Erucic Acid का सेवन स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकता है। अधिक तापमान पर गर्म करने से टॉक्सिक कंपाउंड उत्पन्न हो सकते हैं, जो कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं (Source – PubMed)। इसलिए, इसे संतुलित मात्रा में उपयोग करना सबसे सुरक्षित तरीका है।

mustard oil for cooking

सरसों के तेल का सेवन कैसे करें?

  • मध्यम तापमान पर पकाएं
    सरसों के तेल का धुआं बिंदु (smoke point) उच्च होता है, इसलिए इसे ज्यादा गर्म करने की जरूरत नहीं होती। मध्यम तापमान पर इसे पकाएं ताकि इसके पौष्टिक तत्व बने रहें।
  • अन्य तेलों के साथ मिलाएं
    केवल सरसों के तेल का ही उपयोग करना उचित नहीं है। इसके साथ अन्य हेल्दी तेलों जैसे कि जैतून का तेल या रिफाइंड तेलों का भी उपयोग किया जा सकता है। इससे आपको विविध प्रकार के पोषक तत्व मिलते हैं।

READ ALSO: काली मिर्च के 10 स्वस्थ लाभ

कौन-कौन लोग सरसों का तेल खा सकते हैं?

  1. स्वस्थ व्यक्ति – जो लोग सामान्य स्वास्थ्य रखते हैं, वे सरसों के तेल का नियमित रूप से उपयोग कर सकते हैं।
  2. हृदय रोगी – सीमित मात्रा में लेने पर यह हृदय रोगियों के लिए लाभदायक हो सकता है, लेकिन डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है।
  3. जोड़ों के दर्द से पीड़ित लोग – इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण गठिया और जोड़ों के दर्द में राहत दे सकते हैं।
  4. इम्यूनिटी बढ़ाने के इच्छुक लोग – सरसों के तेल में मौजूद विटामिन E इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करता है।
  5. बालों और त्वचा की देखभाल करने वाले लोग – इसका बाहरी उपयोग बालों और त्वचा के लिए फायदेमंद है।
  6. गर्भवती महिलाएं – हालांकि, गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहि

सरसों का तेल बनाम अन्य तेल

निष्कर्ष: सरसों का तेल खाना पकाने के लिए अच्छा है या बुरा?

सरसों का तेल न केवल खाना पकाने में बल्कि कई अन्य क्षेत्रों में भी उपयोगी है। इसके फायदे इसके नुकसान से ज्यादा हैं, अगर इसे सही मात्रा और विधि से इस्तेमाल किया जाए। हालांकि, इसे बहुत ज्यादा गर्म करने या अधिक मात्रा में उपयोग करने से स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं।

इसलिए, अगर आप संतुलित और सीमित मात्रा में इसका उपयोग करते हैं, तो यह न केवल स्वादिष्ट खाना बनाने में मदद करेगा बल्कि आपके स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होगा। यदि आप किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं, तो सरसों के तेल का सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।


अक्सर पूछे वाले प्रश्न(FAQs):

क्या सरसों का तेल स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है?
हाँ, सरसों का तेल स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है, बशर्ते इसे सही मात्रा में और सही विधि से उपयोग किया जाए।

क्या सरसों का तेल दिल के लिए अच्छा है?
हाँ, सरसों का तेल Omega-3 और Omega-6 फैटी एसिड से भरपूर होता है, जो दिल के लिए फायदेमंद होते हैं।

क्या सरसों के तेल से एलर्जी हो सकती है?
हाँ, कुछ लोगों को सरसों के तेल से एलर्जी हो सकती है। इसके सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लेना उचित होता है।

क्या सरसों का तेल कैंसर का कारण बन सकता है?
कुछ शोधों के अनुसार, अत्यधिक सेवन या ज्यादा गर्म किए जाने पर सरसों का तेल कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है, लेकिन यह पूरी तरह से प्रमाणित नहीं है।

क्या सरसों के तेल से बालों की देखभाल की जा सकती है?
हाँ, सरसों के तेल का उपयोग बालों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह बालों को मजबूती और चमक देता है।

क्या सरसों के तेल में खाना पकाना सुरक्षित है?
हाँ, सरसों के तेल में खाना पकाना सुरक्षित है, बशर्ते इसे मध्यम तापमान पर पकाया जाए और इसे अन्य तेलों के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाए।

REFRENCES

NCBI

WHO

FDA


Discover more from Health ka Pitara

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Related post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *