सर्वाइकल कैंसर: कारण, लक्षण एवं बचाव के उपाय | Cervical Cancer in Hindi: Causes, symptoms and Prevention Tips
सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer in Hindi), जिसे गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर भी कहा जाता है, महिलाओं में होने वाला एक गंभीर कैंसर है। यह गर्भाशय के निचले हिस्से में विकसित होता है, जिसे Cervix कहा जाता है। वर्तमान समय में, बदलती जीवनशैली और स्वास्थ्य संबंधी लापरवाहियों के कारण सर्वाइकल कैंसर का खतरा बढ़ता जा रहा है। इस लेख में हम सर्वाइकल कैंसर के कारण, लक्षण, और बचाव के उपायों पर चर्चा करेंगे, ताकि महिलाएं इस घातक बीमारी से बच सकें और स्वस्थ जीवन जी सकें। सर्वाइकल कैंसर से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े निम्नलिखित हैं:
सर्वाइकल कैंसर क्या है? what is Cervical cancer?
Cervical Cancer तब होता है जब गर्भाशय(Uterus) के ग्रीवा क्षेत्र की कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि होती है और वे कैंसरस कोशिकाओं में बदल जाती हैं। ये कैंसरस कोशिकाएं धीरे-धीरे फैलती हैं और शरीर के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित कर सकती हैं। अगर समय पर इसका इलाज नहीं किया जाता, तो यह जानलेवा साबित हो सकता है।
भारत में कैंसर के नए मामले:
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में प्रत्येक वर्ष लगभग 16 मिलियन (1.6 करोड़) नए कैंसर के मामले दर्ज किए जाते हैं।
कैंसर से होने वाली मृत्यु: उसी रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर साल लगभग 7,84,800 लोगों की मृत्यु कैंसर के कारण होती है।
सर्वाइकल कैंसर से मृत्यु: 2019 में, भारत में 45,000 से अधिक महिलाओं की मृत्यु सर्वाइकल कैंसर के कारण हुई थी।
भविष्यवाणी: विशेषज्ञों के अनुसार, वर्ष 2025 तक भारत में कैंसर के मामलों में 31.4% की वृद्धि हो सकती है।
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि भारत में सर्वाइकल कैंसर एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसके प्रति जागरूकता और समय पर चिकित्सा जांच आवश्यक है।
आज की जीवनशैली और सर्वाइकल कैंसर का खतरा (Increasing Risk in Today’s Lifestyle)
आज के आधुनिक समय में हमारी जीवनशैली काफी बदल चुकी है। जहां एक ओर हम सुविधाजनक जीवन जी रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हमारी स्वास्थ्य संबंधी आदतें बिगड़ती जा रही हैं। इन बदलावों ने महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को बढ़ावा दिया है।
1. धूम्रपान और तंबाकू का सेवन:
धूम्रपान करने वाली महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर होने का खतरा अधिक होता है। तंबाकू के सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, जिससे शरीर को वायरस और कैंसर से लड़ने में कठिनाई होती है।
2. अस्वस्थ आहार:
फास्ट फूड, अधिक मात्रा में वसा और शक्कर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने से शरीर में सूजन बढ़ती है, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ता है। हरी सब्जियां, फल और पौष्टिक भोजन से दूर रहने वाली महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की संभावना बढ़ जाती है।
3. शारीरिक गतिविधि की कमी:
आधुनिक जीवनशैली में बैठे रहने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। शारीरिक गतिविधि की कमी से मोटापा और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं, जो कैंसर के खतरे को बढ़ा देती हैं। नियमित व्यायाम न करने से इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है, जिससे सर्वाइकल कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है।
4. कई यौन साथी:
आज की जीवनशैली में असुरक्षित यौन संबंध और कई यौन साथी रखने का प्रचलन बढ़ गया है। यह स्थिति ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) के संक्रमण का खतरा बढ़ा देती है, जो सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है।

सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख कारण (Main causes of Cervical Cancer)
सर्वाइकल कैंसर के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन इनमें से कुछ प्रमुख हैं:
1. ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV):
HPV संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का सबसे प्रमुख कारण है। यह वायरस यौन संपर्क के माध्यम से फैलता है। HPV के कुछ प्रकार गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं में बदलाव करते हैं, जो समय के साथ कैंसर का रूप ले सकते हैं।
2. अनुवांशिक कारक(Genetic factors):
जिन महिलाओं के परिवार में सर्वाइकल कैंसर का इतिहास रहा है, उनमें इसके होने की संभावना अधिक होती है। आनुवंशिक कारणों के चलते शरीर में कैंसर की कोशिकाएं तेजी से विकसित हो सकती हैं।
3. कम उम्र में यौन संबंध:
बहुत कम उम्र में यौन संबंध बनाने से शरीर का इम्यून सिस्टम पूरी तरह से विकसित नहीं होता और HPV संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, जिससे सर्वाइकल कैंसर होने की संभावना अधिक होती है।
4. दीर्घकालिक गर्भनिरोधक गोलियों का उपयोग:
लंबे समय तक गर्भनिरोधक गोलियों का उपयोग करने से महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन हो सकता है, जो कैंसर के विकास में सहायक हो सकता है।
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सर्वाइकल कैंसर के लक्षण (symptoms of Cervical Cancer)
सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती चरणों में कोई विशेष लक्षण नहीं दिखते, लेकिन जब यह बीमारी बढ़ने लगती है, तो कुछ सामान्य लक्षण दिखाई देते हैं, जैसे:
- मासिक धर्म(periods) के बीच अनियमित रक्तस्राव
- यौन संबंध के बाद रक्तस्राव
- योनि से असामान्य स्राव(Vaginal Discharge) (जो दुर्गंधयुक्त या रंग बदल सकता है)
- यौन संबंध के दौरान दर्द
- श्रोणि क्षेत्र में दर्द
- अत्यधिक थकान, वजन कम होना, और भूख न लगना
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के उपाय (Prevent from Cervical Cancer)
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए कुछ प्रमुख उपाय किए जा सकते हैं, जो महिलाओं को इस घातक बीमारी से सुरक्षित रख सकते हैं:
1. HPV वैक्सीन:
HPV वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। यह वैक्सीन महिलाओं को HPV संक्रमण से बचाती है, जो सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण होता है। यह वैक्सीन आमतौर पर 9 से 26 वर्ष की उम्र के बीच दी जाती है, लेकिन बड़ी उम्र में भी इसे लेने से लाभ हो सकता है।
2. नियमित स्क्रीनिंग:
पैप स्मीयर टेस्ट और HPV टेस्ट महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती संकेतों की पहचान करने में मदद करते हैं। नियमित रूप से ये परीक्षण कराने से समय पर कैंसर का पता लगाया जा सकता है और इसका इलाज आसानी से किया जा सकता है।
3. सुरक्षित यौन संबंध:
सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करने के लिए सुरक्षित यौन संबंध बनाना बेहद जरूरी है। कंडोम का उपयोग करें और यौन साथी की संख्या को सीमित रखें, ताकि HPV संक्रमण का खतरा कम हो सके।
4. धूम्रपान और तंबाकू से दूरी:
धूम्रपान और तंबाकू का सेवन सर्वाइकल कैंसर के खतरे को बढ़ाता है। धूम्रपान छोड़ने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, जिससे कैंसर से लड़ने में मदद मिलती है।
5. संतुलित आहार और नियमित व्यायाम:
हरी सब्जियां, फल, और पौष्टिक आहार का सेवन करने से शरीर की इम्यूनिटी मजबूत होती है और कैंसर से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। साथ ही, नियमित व्यायाम शरीर को स्वस्थ रखता है और मोटापे से बचाता है, जो सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करता है।
सर्वाइकल कैंसर से जुड़े महत्वपूर्ण FAQs (अधिक जानकारी के साथ)
1. क्या सर्वाइकल कैंसर पूरी तरह से ठीक हो सकता है?
हाँ, यदि इसे प्रारंभिक चरण (Early Stage) में पकड़ लिया जाए और सही समय पर इलाज (Treatment) किया जाए, तो सर्वाइकल कैंसर पूरी तरह ठीक हो सकता है। रेडिएशन थेरेपी, कीमोथेरेपी, और सर्जरी इसके मुख्य उपचार विकल्प हैं।
3. सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण क्या है?
सर्वाइकल कैंसर का सबसे बड़ा कारण ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV Infection) संक्रमण है। यह एक यौन संचारित संक्रमण (Sexually Transmitted Infection – STI) है, जो लंबे समय तक गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं में बदलाव लाकर कैंसर विकसित कर सकता है।
4. क्या सर्वाइकल कैंसर होने के बाद महिलाएं लंबा और स्वस्थ जीवन जी सकती हैं?
हाँ, यदि समय पर सही इलाज (Treatment) किया जाए, तो महिलाएं कैंसर को मात देकर लंबा, स्वस्थ और सामान्य जीवन जी सकती हैं। शुरुआती चरण में इलाज कराने से रिकवरी (Recovery) की संभावना अधिक होती है।
5. सर्वाइकल कैंसर के स्टेज 1 का क्या मतलब होता है?
स्टेज 1 (Stage 1 Cervical Cancer) का मतलब है कि कैंसर केवल गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) तक सीमित है और अभी तक शरीर के अन्य भागों में नहीं फैला है। इस चरण में इलाज की सफलता दर 90% से अधिक होती है।
6. क्या सर्वाइकल कैंसर दर्दनाक होता है?
प्रारंभिक अवस्था (Early Stage) में आमतौर पर कोई दर्द नहीं होता।
जैसे-जैसे कैंसर बढ़ता है, श्रोणि दर्द (Pelvic Pain), पीठ दर्द (Back Pain) और योनि क्षेत्र में असहजता हो सकती है।
अत्यधिक गंभीर अवस्था में मूत्र त्याग (Urination) और मल त्याग (Bowel Movements) में भी दर्द हो सकता है।
7. क्या स्टेज 4 सर्वाइकल कैंसर का मतलब 100% मृत्यु है?
नहीं, स्टेज 4 (Stage 4 Cervical Cancer) बहुत गंभीर होता है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि 100% मौत होगी।
सही इलाज (Treatment) और लाइफस्टाइल चेंज (Lifestyle Changes) से जीवन प्रत्याशा बढ़ाई जा सकती है।
कुछ मरीज 5 साल या उससे अधिक भी जीवित रहते हैं।
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8. घर पर सर्वाइकल कैंसर की पहचान कैसे करें?
घर पर सटीक पहचान (Diagnosis) संभव नहीं है, लेकिन आप अपने शरीर में लक्षणों (Symptoms) पर ध्यान दें।
यदि असामान्य रक्तस्राव (Unusual Bleeding), योनि स्राव में बदलाव (Discharge Changes), या दर्द (Pain) हो रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें और पैप स्मीयर टेस्ट (Pap Smear Test) करवाएं।
9. सर्वाइकल कैंसर की पुष्टि कैसे होती है?
पैप स्मीयर टेस्ट (Pap Smear Test) – शुरुआती संकेतों का पता लगाता है।
HPV टेस्ट – यह देखता है कि क्या HPV संक्रमण मौजूद है।
बायोप्सी (Biopsy) – कैंसर की पुष्टि के लिए ग्रीवा की कोशिकाओं की जांच करता है।
कोलपोस्कोपी (Colposcopy) – गर्भाशय ग्रीवा का गहराई से निरीक्षण करता है।
10. सर्वाइकल कैंसर के लिए ‘2 सप्ताह नियम’ क्या है?
“2 सप्ताह नियम (Two-Week Rule)” का मतलब है कि यदि किसी महिला को दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक असामान्य रक्तस्राव (Bleeding), लगातार दर्द (Persistent Pain) या अन्य लक्षण हो रहे हैं, तो उसे बिना देर किए डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।
11. क्या मैं अपने सर्विक्स की खुद जांच कर सकती हूँ?
तकनीकी रूप से, आप अपनी योनि (Vagina) में उंगली डालकर सर्विक्स को महसूस कर सकती हैं।
लेकिन कैंसर की पहचान (Cancer Detection) के लिए पेशेवर चिकित्सा परीक्षण (Medical Tests) आवश्यक होते हैं।
पैप स्मीयर टेस्ट और HPV टेस्ट कराना सबसे सुरक्षित और विश्वसनीय तरीका है।
सर्वाइकल कैंसर एक गंभीर बीमारी है, लेकिन अगर सही समय पर इसका निदान और इलाज किया जाए, तो इसे रोका जा सकता है। आज की बदलती जीवनशैली में इसके खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, इसलिए महिलाओं को अपनी स्वास्थ्य आदतों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। नियमित स्क्रीनिंग, HPV वैक्सीन, और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर सर्वाइकल कैंसर से बचाव किया जा सकता है। जागरूकता और समय पर सावधानी बरतकर इस घातक बीमारी से खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है।
Prevention is better than cure
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