anal cancer in hindi

एनल कैंसर क्या है? लक्षण, प्रकार और रोकथाम | what is anal cancer in Hindi? Anal Cancer Symptoms, Types, and Prevention

Anal Cancer in hindi, जिसे हिंदी में गुदा कैंसर भी कहा जाता है, एक गंभीर बीमारी है जो गुदा (anus) में होने वाले असामान्य कोशिका (cell) के विकास के कारण होती है। यह एक दुर्लभ प्रकार का कैंसर है, लेकिन इसके मामले पिछले कुछ दशकों में बढ़ते हुए देखे गए हैं। इस कैंसर का प्रारंभ गुदा की सतह की कोशिकाओं में होता है, और धीरे-धीरे यह आसपास के ऊतकों (tissues) और अंगों (organs) तक फैल सकता है।

एनल कैंसर क्या है?

एनल कैंसर गुदा मार्ग की परत में शुरू होता है। गुदा मानव शरीर का वह हिस्सा है जो मल (stool) के निकास का कार्य करता है। यह आमतौर पर उन कोशिकाओं से शुरू होता है जिन्हें स्क्वैमस सेल्स (Squamous cells) कहा जाता है, जो गुदा की सतह की परत में पाई जाती हैं। जब ये कोशिकाएँ अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं, तो यह कैंसर का रूप ले लेती हैं।

Anal cancer के प्रकार:

एनल कैंसर के मुख्य प्रकार निम्नलिखित हैं:

  1. स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा (Squamous Cell Carcinoma): यह सबसे सामान्य प्रकार का एनल कैंसर है, जो गुदा की ऊपरी परत की कोशिकाओं में शुरू होता है।
  2. एडेनोकार्सिनोमा (Adenocarcinoma): यह गुदा की ग्रंथियों (glands) से उत्पन्न होता है।
  3. बेसल सेल कार्सिनोमा (Basal Cell Carcinoma): यह प्रकार त्वचा की बेसल सेल्स से उत्पन्न होता है, लेकिन एनल कैंसर के मामलों में यह बहुत कम होता है।
  4. मेलनॉमा (Melanoma): यह गुदा की त्वचा की रंगद्रव्य कोशिकाओं (pigment cells) से उत्पन्न होता है और बहुत दुर्लभ होता है।

Anal cancer के कारण और जोखिम कारक (Risk Factors)

इस कैंसर के विकास में कई कारक भूमिका निभा सकते हैं:

  1. ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV): यह एक यौन संचारित संक्रमण (sexually transmitted infection) है, जो एनल कैंसर का सबसे बड़ा कारण है। रिसर्च के अनुसार, लगभग 80% एनल कैंसर के मामलों में HPV संक्रमण की उपस्थिति देखी गई है।
  2. कमजोर इम्यून सिस्टम: जिन व्यक्तियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (immune system) कमजोर होती है, जैसे HIV पॉज़िटिव लोग या जिनका ऑर्गन ट्रांसप्लांट हुआ है, उनमें एनल कैंसर का खतरा अधिक होता है।
  3. धूम्रपान (Smoking): लंबे समय तक धूम्रपान करने से भी इस कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है।
  4. यौन गतिविधियाँ: एक से अधिक यौन साथियों के साथ यौन संबंध बनाना, खासकर एनल सेक्स (anal sex) का अभ्यास, भी जोखिम को बढ़ा सकता है।
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Anal cancer के लक्षण (Symptoms)

एनल कैंसर के लक्षण शुरुआत में हल्के हो सकते हैं और सामान्य गुदा विकारों (anal disorders) से मिलते-जुलते हो सकते हैं। इसके मुख्य लक्षणों में शामिल हैं:

  1. गुदा(Anal) में दर्द या बेचैनी: गुदा में जलन, दर्द, या खुजली होना।
  2. रक्तस्राव (Bleeding): गुदा से रक्त का आना, जो मल त्याग के दौरान बढ़ सकता है।
  3. गुदा में गांठ या सूजन: गुदा के आसपास या अंदर किसी प्रकार की गांठ महसूस होना।
  4. मल त्याग की आदतों में बदलाव: दस्त (diarrhea), कब्ज (constipation), या मल की संरचना में बदलाव।
  5. गुदा से असामान्य स्राव (discharge): गुदा से किसी प्रकार का स्राव होना।
  6. यदि इन लक्षणों में से कोई भी लक्षण लगातार बना रहता है, तो डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक है।

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एनल कैंसर का निदान (Diagnosis)

एनल कैंसर का निदान कई प्रकार के टेस्ट और प्रक्रियाओं के माध्यम से किया जाता है। इनमें शामिल हैं:

  1. डिजिटल रेक्टल एग्जाम (Digital Rectal Exam): डॉक्टर अपने हाथों से गुदा और मलाशय (rectum) की जांच करते हैं।
  2. एनल पैप स्मीयर (Anal Pap Smear): इस टेस्ट के द्वारा गुदा की सतह की कोशिकाओं की जांच की जाती है।
  3. बायोप्सी (Biopsy): बायोप्सी में गुदा की संदिग्ध कोशिकाओं का सैंपल लेकर माइक्रोस्कोप के तहत जांच की जाती है।
  4. इमेजिंग टेस्ट (Imaging Tests): जैसे कि MRI, CT स्कैन, या PET स्कैन, जो कैंसर के फैलाव को जांचने में मदद करते हैं।

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एनल कैंसर का इलाज (Treatment)

एनल कैंसर का इलाज इसके प्रकार, स्टेज, और व्यक्ति के स्वास्थ्य की स्थिति पर निर्भर करता है। इसके मुख्य उपचार निम्नलिखित हैं:

  1. रेडिएशन थेरेपी (Radiation Therapy): इसमें कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए उच्च ऊर्जा वाली किरणों का प्रयोग किया जाता है।
  2. कीमोथेरेपी (Chemotherapy): कीमोथेरेपी दवाओं का प्रयोग करके कैंसर कोशिकाओं को मारने की एक पद्धति है।
  3. सर्जरी (Surgery): यदि कैंसर का फैलाव सीमित है, तो सर्जरी द्वारा ट्यूमर को हटाया जा सकता है।
  4. इम्यूनोथेरेपी (Immunotherapy): यह उपचार शरीर की इम्यून सिस्टम को मजबूत करके कैंसर से लड़ने में मदद करता है।

एनल कैंसर के आँकड़े और रिकवरी

ग्लोबल कैंसर ऑब्जर्वेटरी (Global Cancer Observatory) के अनुसार, 2020 में विश्व भर में एनल कैंसर के 50,000 से अधिक नए मामले दर्ज किए गए थे। इनमें महिलाओं में एनल कैंसर के मामले अधिक देखे गए। अमेरिका में, अमेरिकन कैंसर सोसाइटी (American Cancer Society) के मुताबिक, हर साल लगभग 9,000 नए एनल कैंसर के मामले दर्ज होते हैं, जिनमें से लगभग 1,500 मौतें होती हैं।

हालांकि, शुरुआती अवस्था में निदान और उचित उपचार के साथ, एनल कैंसर के मरीजों की जीवित रहने की दर (survival rate) 70% से अधिक हो सकती है। इसीलिए, इस कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना और नियमित स्वास्थ्य जांच कराना बहुत आवश्यक है।

एनल कैंसर की रोकथाम (Prevention)

एनल कैंसर से बचाव के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए जा सकते हैं:

  1. HPV वैक्सीन: HPV संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन लेना चाहिए, खासकर किशोरावस्था में।
  2. सुरक्षित यौन संबंध: यौन संबंध बनाते समय सुरक्षा का उपयोग करें।
  3. धूम्रपान से बचें: धूम्रपान छोड़कर इस कैंसर के जोखिम को कम किया जा सकता है।
  4. नियमित स्वास्थ्य जांच: एनल कैंसर के लक्षणों के प्रति सजग रहें और नियमित जांच कराएं।

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एनस कैंसर और एनल कैंसर से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)


1. एनस कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं?
एनस कैंसर के शुरुआती लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:
गुदा (एनस) के पास दर्द या जलन
मल त्याग के दौरान खून आना
गुदा के पास गांठ या सूजन
खुजली या असामान्य डिस्चार्ज


2. एनस कैंसर और बवासीर (पाइल्स) में क्या अंतर है?
बवासीर (पाइल्स) – इसमें नसों की सूजन होती है, जिससे दर्द और कभी-कभी खून निकलता है।
एनस कैंसर – इसमें लगातार बढ़ती हुई गांठ हो सकती है, जो लंबे समय तक बनी रहती है और इलाज से ठीक नहीं होती।


3. क्या HPV वायरस एनस कैंसर का कारण बन सकता है?
हाँ, ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) एनस कैंसर का एक प्रमुख कारण है। HPV संक्रमण से कोशिकाओं में बदलाव हो सकते हैं, जिससे कैंसर हो सकता है। HPV वैक्सीन एनस कैंसर के खतरे को कम कर सकती है।


4. क्या कोलोनोस्कोपी से एनस कैंसर का पता लगाया जा सकता है?
कोलोनोस्कोपी से गुदा और मलाशय के अंदरूनी भागों की जाँच की जा सकती है, लेकिन एनस कैंसर के लिए एनोस्कोपी या बायोप्सी अधिक प्रभावी परीक्षण होते हैं।


5. एनस कैंसर के शुरुआती चरण में यह कैसा दिखता है?
शुरुआती चरण में एनस कैंसर एक छोटी गांठ, सूजन या दाने की तरह दिख सकता है। कई लोगों को सिर्फ हल्की खुजली, दर्द या मल त्याग के दौरान रक्तस्राव की समस्या होती है।


6. एनल कैंसर के कितने प्रकार होते हैं?
एनल कैंसर के मुख्य प्रकार:
स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा (सबसे आम)
एडेनोकार्सिनोमा
बेसल सेल कार्सिनोमा
मेलनॉमा


7. एनस कैंसर होने पर कैसा महसूस होता है?
एनस कैंसर के मरीजों को महसूस हो सकता है:
मल त्याग करते समय दर्द
गुदा के आसपास सूजन या गांठ
लगातार खुजली और जलन


8. एनल कैंसर में जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) कितनी होती है?
अगर जल्दी पहचान हो जाए तो 5 साल की सर्वाइवल रेट 70-80% हो सकती है। बाद के चरणों में यह घट सकती है, इसलिए जल्दी इलाज कराना बहुत ज़रूरी है।


9. क्या एनल फिशर (गुदा में दरार) कैंसर में बदल सकता है?
नहीं, साधारण एनल फिशर कैंसर में नहीं बदलता। लेकिन अगर यह लंबे समय तक ठीक न हो तो डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है।


10. क्या एनस कैंसर से बचाव संभव है?
हाँ, एनस कैंसर के खतरे को कम करने के लिए:
HPV वैक्सीन लगवाएँ
धूम्रपान से बचें
सुरक्षित यौन संबंध बनाएँ
स्वस्थ आहार लें और नियमित जांच कराएँ

एनल कैंसर एक गंभीर और दुर्लभ बीमारी है, लेकिन इसके प्रति जागरूकता और प्रारंभिक निदान से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। सही जानकारी, रोकथाम और समय पर उपचार से मरीजों की जीवनशैली में सुधार संभव है। जागरूक रहें, स्वास्थ्य का ध्यान रखें, और आवश्यक परीक्षण कराते रहें ताकि इस बीमारी से बचा जा सके।


इस लेख में वर्णित जानकारी अमेरिकन कैंसर सोसाइटी और ग्लोबल कैंसर ऑब्जर्वेटरी जैसे स्रोतों से ली गई है, जो इस रोग के संबंध में प्रमाणिक और व्यापक अध्ययन प्रस्तुत करते हैं।


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